आरेंज अलर्ट उत्तराखंड में, मौसम विभाग क्यों जारी करता है अलग-अलग रंगों के अलर्ट, जानिए

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उत्तराखंड में मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से बारिश को लेकर पहाड़ी इलाकों के लिए आरेंज अलर्ट (Orange alert) जारी किया गया है। क्या आप इन अलर्ट के बारे में जानते हैं?

मसलन, रंगों का क्या मतलब है? किस स्थिति में कौन से रंग का अलर्ट किया जाता है? ये अलर्ट कौन जारी करता है?

साथियों, सबसे पहले आपको बता दें कि मौसम को लेकर अलर्ट मौसम विभाग जारी करता है। उत्तराखंड के लिए यह कार्य उत्तराखंड (uttarakhand) की राजधानी देहरादून (dehradun) स्थित मौसम विज्ञान केंद्र (meteriological center) करता है।

यह अलर्ट चार रंगों के जारी किए जाते हैं-ग्रीन अलर्ट (green alert), येलो अलर्ट (Yellow alert), आरेंज अलर्ट (orange alert) और रेड अलर्ट (red alert)।

अब सबसे पहले बात ग्रीन अलर्ट की। दोस्तों, आपको बता दें कि ग्रीन अलर्ट का अर्थ है कि किसी तरह का कोई खतरा नहीं है।

अब आते हैं येलो अलर्ट पर। इस अलर्ट का अर्थ है-खतरे के प्रति सचेत रहें। मौसम विभाग का यह अलर्ट जस्ट वॉच (just watch) का सिग्नल (signal) है।
साथियों, अब आते हैं ऑरेंज अलर्ट की बात पर। इस अलर्ट का  मतलब है कि खतरे की पूरी संभावना है।

आप तैयार रहें। मौसम विभाग कई बार यह भी करता है कि जैसे-जैसे मौसम और खराब होता है तो वह येलो अलर्ट को अपडेट (update) करके ऑरेंज अलर्ट में तब्दील कर देता है।

इस अलर्ट कै जारी होने पर लोगों को इधर-उधर जाने के प्रति भी सचेत रहने के लिए कहा जाता है। अब आपको बताते हैं कि रेड अलर्ट क्या है।

मित्रों, जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है-यह खतरे का संकेत है। इसका अर्थ ही यह है कि स्थिति खतरनाक है।

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जब मौसम खतरनाक (danger) स्तर पर पहुंच जाता है और भारी नुकसान होने की आशंका होती है तो मौसम विभाग की ओर से यह रेड अलर्ट जारी किया जाता है।

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