हरीश रावत बोले-मुझे मंचों पर स्थान मिलने में संदेह रहता है, मोड़ा साथ लेकर चलता हूं

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उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत (Harish rawat) ने एक बार फिर कांग्रेस नेतृत्व से कहा है कि राज्य में सीएम का चेहरा घोषित हो। वह जो भी हो, वे उसके पीछे खड़े रहेंगे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित होने को लेकर संकोच कैसा? यदि मेरे सम्मान में यह संकोच है तो मैंने स्वयं अपनी तरफ से यह विनती कर ली है कि जिसे भी मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित कर दिया जायेगा मैं, उसके पीछे खड़ा हूंगा।
उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट (Facebook account)
https://www.facebook.com/271420283032553/posts/1753996404774926/
के जरिए कहा कि रणनीति के दृष्टिकोण से भी आवश्यक है कि हम भाजपा द्वारा राज्यों में जीत के लिये अपनाये जा रहे फार्मूले का कोई स्थानीय तोड़ निकालें।
स्थानीय तोड़ यही हो सकता है कि भाजपा का चेहरा बनाम कांग्रेस का चेहरा, चुनाव में लोगों के सामने रखा जाय ताकि लोग स्थानीय सवालों के तुलनात्मक आधार पर निर्णय करें।

मेरा मानना है कि ऐसा करने से चुनाव में हम अच्छा कर पाएंगे, फिर सामूहिकता की अचानक याद क्यों? जो व्यक्ति किसी भी निर्णय में, इतना बड़ा संगठनात्मक ढांचा है पार्टी का, उस ढांचे में कुछ लोगों की संस्तुति करने के लिए भी मुझे AICC का दरवाजा खटखटाना पड़ता है, उस समय सामूहिकता का पालन नहीं हुआ है
और मैंने उस पर कभी आवाज नहीं उठाई है, पार्टी के अधिकारिक पोस्टरों में मेरा नाम और चेहरा स्थान नहीं पा पाया, मैंने उस पर भी कभी कोई सवाल खड़ा नहीं किया!
यहां तक की मुझे कभी-कभी मंचों पर स्थान मिलने को लेकर संदेह रहता है तो मैं, अपने साथ अपना मोड़ा लेकर के चलता हूं, ताकि पार्टी के सामने कोई असमंजस न आये तो आज भी मैंने केवल असमंजस को हटाया है, तो ये दनादन क्यों?
आपको बता दें कि हरीश रावत (Harish rawat) की इस पोस्ट में उपेक्षा का दर्द साफ झलक रहा है। वह तंज भरे अंदाज में कांग्रेस नेतृत्व को इससे रूबरू करा रहे हैं।
ऐसे में उन्होंने यह मुद्दा उछाल दिया है। ताकि गेंद कांग्रेस नेतृत्व के पाले में रहे।
