street library : ऋषिकेश में गंगा किनारे किताबों में खोने का सुकून, आप भी आइए

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आपने कभी स्ट्रीट लाइब्रेरी (street library) के बारे में सुना है? ऋषिकेश में गंगा किनारे उत्तराखंड की पहली स्ट्रीट लाइब्रेरी खुली है।
ऋषिकेश (rishikesh) के नजदीक लक्ष्मण झूला (luxman jhula) में सत्य साईं घाट पर इस लाइब्रेरी की स्थापना की गई है।
यदि आप भी लक्ष्मण झूला घूमने आए हैं तो आराम से गंगा किनारे बैठकर किताबों का लुत्फ उठा सकते हैं।
आपको बता दें कि इस लाइब्रेरी की स्थापना इसी साल बसंत पंचमी (vasant panchami) के दिन 5 फरवरी को की गई। इसका शुभारंभ डाक्टर ऐरन ने फीता काट कर किया।

इस स्ट्रीट लाइब्रेरी की स्थापना बस्ता पैक एडवेंचर (basta pack adventure) के को फाउंडर गिरिजांश गोपालन (Girijansh Gopalan) ने अपने साथियों के साथ मिलकर की।
इस लाइब्रेरी का आधार गिव एंड टेक (formula) है। यानी यहां से कोई भी पढ़ने के लिए किताब ले सकता है, साथ में यहां किताब रख सकता है।
गिरिजांश गोपालन बताते हैं कि अभी इस स्ट्रीट लाइब्रेरी में हिंदी एवं अंग्रेजी उपन्यास हैं। वे जल्द ही एक ऐसी लाइब्रेरी उत्तराखंड (uttarakhand) के पहाड़ी जिले पौड़ी (Pauri) में भी खोलना चाहते हैं।

वे इसमें प्रतियोगिता परीक्षाओं से संबंधित किताबें रखना चाहते हैं ताकि स्थानीय छात्र-छात्राओं की सहायता हो सके।
इसके लिए उन्होंने प्लान भी तैयार किया है। अभी तक उनकी स्ट्रीट लाइब्रेरी में जो किताबें आईं हैं वे उनके दोस्तों, परिजनों की ओर से पहुंचाई गई हैं।
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गिरिजांश अन्य लोगों से भी अपील करते हैं कि वे ऐसी पुस्तकों को लाइब्रेरी के लिए डोनेट कर सकते हैं, जिन्हें वे पढ़ चुके हों और जो अब उनके लिए बेकार हों।
स्ट्रीट लाइब्रेरी को लेकर गिरिजांश को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। वे अपनी इस पहल को आगे बढ़ाना चाहते हैं।
यदि आप भी गंगा (Ganga) किनारे सुकून से बैठकर किताबों के पन्नों में डूबना चाहते हैं तो इस स्ट्रीट लाइब्रेरी का रुख कर सकते हैं।
