Viktor axelson के जबड़े से क्या सोना खींच पाएंगे उत्तराखंड के लक्ष्य, वर्ल्ड नंबर वन हैं विक्टर

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विक्टर एक्सेलसन (Viktor axelson) बैडमिंटन के वर्ल्ड नंबर वन खिलाड़ी हैं। क्या उनके जबड़े से लक्ष्य सेन (lakshya sen) सोना खींच पाएंगे?

भारत के साथ ही उत्तराखंड के हर बैडमिंटन प्रेमी के दिमाग को यह सवाल मथ रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि लक्ष्य सेन उत्तराखंड के ही रहने वाले हैं।

भारत के लिहाज से 20 मार्च, 2022 का दिन बैडमिंटन की दुनिया का एक खास दिन होने जा रहा है। इस दिन आल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप का फाइनल खेला जाने वाला है।

यदि लगभग 20 साल के लक्ष्य अपने से करीब आठ साल बड़े विक्टर एक्सेलसन (Viktor axelson) पर जीत दर्ज कर पाते हैं तो निश्चित रूप से इतिहास रचेंगे।

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ऐसा करके वे तीसरे ऐसे बैडमिंटन खिलाड़ी बन जाएंगे, जिसके सिर आल इंग्लैंड बैडमिंटन का सेहरा सजा।

आपको बता दें कि भारत के लिए प्रकाश पादुकोण (prakash padukone) व पुलेला गोपीचंद (pulela Gopichand) पहले ही यह कारनामा कर चुके हैं।

जहां तक विक्टर एक्सेलसन की बात है तो आपको बता दें कि डेनमार्क के इस खिलाड़ी की कोर्ट पर तेजी का कोई जवाब नहीं।

विक्टर 2020 में ओलंपिक चैंपियन (Olympic champion) भी रह चुके हैं। जाहिर है कि बहुत शानदार परफॉर्मेंस ही लक्ष्य को उनके इस डैनिश प्रतिद्वंद्वी के सामने टिक पाने में मदद करेगी।

विक्टर एक्सेलसन (Viktor axelson) इस समय 28 साल के हैं। उन्होंने महज 6 वर्ष की उम्र में रैकेट थाम लिया था।

उनके आगे बढ़ने में उनके पिता हेनरिक का बड़ा योगदान है, जो कभी एक छोटी सी एडवरटाइजिंग एजेंसी चलाते थे, लेकिन इन दिनों अपने बेटे विक्टर के फुल टाइम मैनेजर हैं।

आपको बता दें कि उनके माता पिता का डिवोर्स हो गया था। काफी समय अपने खेल पर फोकस रखने के लिए विक्टर अकेले भी रहे।

दो साल की नन्हीं सी बेटी के पिता विक्टर आल इंग्लैंड बैडमिंटन का ताज अपने सिर सजा एक और रत्न अपने मुकुट में जड़ना चाहेंगे। फिलहाल सबको इंतजार 20 मार्च, 20222 की रात होने वाले इस मुकाबले का है।

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