भूतनाथ मंदिर : ऋषिकेश में इसी स्थान पर ठहरी थी भगवान शिव की बरात

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यदि आप ऋषिकेश (rishikesh) घूमने आए हैं और रामझूला गए हैं तो भूतनाथ मंदिर (bhootnath temple) भी जाएं। यह स्थान शिव बरात (shiv barat) की कथा से जुड़ा है।

बताया जाता है कि जब भगवान शिव (lord Shiva) सती से विवाह के लिए बरात लेकर निकले थे तो सती के पिता ने इसी भूतनाथ मंदिर (bhootnath temple) में उनकी बरात को ठहराया था।

भगवान शिव ने अपनी बारात में शामिल सभी देवों, गणों, भूतों और अन्य जीवों संग इसी स्थान पर रात बिताई थी।

इस भूतनाथ मंदिर (bhootnath temple) परिसर में भगवान शिवलिंग के चारों ओर 10 घंटियां लगी हैं। बताया जाता है कि जब इन्हें बजाया जाता है तो प्रत्येक में से अलग-अलग ध्वनि निकलती है।

भगवान शिव को समर्पित यह भूतनाथ मंदिर टिहरी गढ़वाल (Tehri garhwal) के स्वर्गाश्रम (swargashram) क्षेत्र में पड़ता है।

मंदिर के तीनों ओर राजाजी नेशनल पार्क की खूबसूरत हरियाली है। इस सात मंजिला इमारत की सबसे ऊपर की मंजिल से चारों ओर का दृश्य बेहद रमणीक दिखाई देता है।

Bhootnath temple तीनों ओर से राजा जी पार्क की हरियाली से घिरा है।
Bhootnath temple तीनों ओर से राजा जी पार्क की हरियाली से घिरा है।

भूतनाथ मंदिर की पहली मंजिल पर भगवान शिव से जुड़ी कथाओं का वर्णन, चित्रों के माध्यम से किया गया है।

इसके अलावा श्रीराम भक्त हनुमान और नंदी तथा समस्त देवी-देवताओं के चित्र इस मंदिर की हर एक मंजिल पर देखने को मिलेंगे।

सबसे ऊपरी सातवीं मंजिल पर पहुंचने पर एक छोटे से शिव मंदिर के दर्शन होते हैं। इसके प्रांगण में भगवान शिव और उनके भूतों की बरात का वर्णन चित्रों के माध्यम से किया गया है।

गंगा नदी पर बने झूला पुल रामझूला को पार करके थोड़ा सा आगे बाईं ओर जाने पर इस मंदिर के दर्शन हो जाते हैं।

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ऋषिकेश आने वाले अधिकांश पर्यटक स्वर्गाश्रम, रामझूला भ्रमण के लिए पहुंचते हैं। संध्याकालीन गंगा आरती (ganga arti) देखते हैं।

गंगा स्नान करते हैं। इस बार आप ऋषिकेश (rishikesh) आएं तो इस मंदिर को देखना न भूलें।

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