उत्तराखंड का पहला बाल मित्र थाना देहरादून में खुला, बाल अपराधियों की काउंसलिंग होगी

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उत्तराखंड (uttarakhand) की राजधानी देहरादून (dehradun) में 22 जनवरी, 2021 को उत्तराखंड के पहले बाल मित्र (Bal Mitra) थाने का शुभारंभ हुआ।
इसका उद्घाटन प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत (cm trivendra Singh rawat) ने किया। बाल मित्र थाने के रूप में उत्तराखंड राज्य में यह एक नई पहल की गई है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि बाल मित्र (Bal Mitra) थाना एक नई शुरूआत है।

यह पुलिस का एक सुधारात्मक कदम है। उन्होंने कहा कि बच्चे कच्ची मिट्टी की तरह होते हैं। हम उन्हें जिस माहौल में ढालना चाहे ढाल सकते हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश (state) में बच्चों की सुरक्षा के लिए हमारी सरकार ने ₹01 करोड़ के रिवाॅल्विंग फंड (revolving fund) की घोषणा की है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि हम समाज में बाल मित्र थाने के माध्यम से समाज में एक नई सोच विकसित करेंगे।
आपको बता दें कि बाल अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए और बच्चों के लिए भयमुक्त वातावरण बनाने के लिए उत्तराखंड के सभी जिलों में बालमित्र थाने बनाए जाने की योजना है।
इसी क्रम में राज्य का पहला बाल मित्र पुलिस थाना राजधानी देहरादून के डालनवाला (dalanwala) में शुरू हुआ है।
अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले और गुमशुदा नाबालिगों की बाल मित्र थाने में विशेष काउंसिलिंग (counseling) कराई जाएगी।
निराश्रित बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम उठाया जाएगा। उन्हें बेहतर माहौल देने का प्रयास किया जाएगा।
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आपको बता दें कि राज्य के अन्य जिलों में भी बालमित्र थाने के लिए ₹1,00,000 का आवंटन किया गया है। इनकी स्थापना में पुलिस (police) विभाग और अन्य संस्थाओं की भी मदद ली जाएगी।
